covid-19 fake news

COVID-19 fake news

COVID-19 Fake News, Coronavirus fake news (कोरोना वायरस फेक न्यूज )

COVID-19  महामारी आज विश्व का सरदर्द बन गया है। COVID_19 महामारी चायना  के वुहान  शहर से शुरू हुआ और पूरी दुनियाँ को अपने चपेट में ले लिया।  विश्वशक्ति भी इसके आगे लाचार  हो गई। यह वायरस जितनी घातक महामारी हैं  उतनी ही  इसके साथ साथ इससे जुड़ी fake news, घरेलु नुक्से, बाबा का इलाज और भ्रम फैलाती बाते  बड़ी महामारी बन गई है। चलिए COVID-19 FAKE NEWS  का  पर्दाफाश करते है। 

ज्यादा पानी पीने से कोरोना शरीर से बाहर निकल जाता है।

ज्यादा पानी पीने शरीर HEALTHY ( स्वस्थ्य )रहता है  IMMUNITY  ( प्रतिरोधक ) बेहतर होता है SKIN त्वचा पर CHARMING ( रौनकता ) रहती है।ऐसा लोगो का मानना है लेकिन इसकी कोई भी वैज्ञानिक प्रमाणिकता नहीं  है। पानी लगातार पीते रहना चाहिए यह  डिहाइड्रेशन की कमी से बचाता  है लेकिन स्वास्थ्य को देखते हुए।  शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही।  ऐसा माना जाता है की 24 घंटो में 6  से 8  ग्लास पानी पीनी  चाहिए  ।   
      पानी ज्यादा पिने से COVID-19 वायरस शरीर से बहार नहीं निकलती है।  यह बे बुनियाद है। 
     हाँ पानी और साबुन से हाथ जरूर धोया कीजिये खुद को साफ सुथरा रखने की कोशिश करते रहिए। इससे आप COVID-19 से  बचे रह सकते हैं  ये सम्भावना हैं।  

   NOTE : – FAKE , ऐसा संभव नहीं है। 

गर्मी आते ही कोरोना खत्म हो जायेगा। COVID-19 FAKE NEWS

गर्मी के आते ही कोरोना COVID-19 वायरस का फैलना बंद हो जायेगा। गर्मियों में यह खुद ही खत्म हो जाएगी इस तरह की बातें सोशल मिडिया (  SOCIAL MEDIA   )  पर खूब VIRAL हो रहीं है।  
       COVID-19 वायरस सार्स वायरस से मिलता जुलता वायरस है यह भी एक प्रकार का कोरोना वायरस है चुकी सार्स पर बहुत जल्दी ही CONTROL  हो गया था, यह गर्मी के आते आते खत्म हो गई थी, इसलिए मन जाता है की COVID-19 भी गर्मी के आते आते खत्म हो जाएगी। चुकी सार्स वायरस जल्द ही खत्म हो गया था इसलिए इसपर ऐसा कोई भी वैज्ञानिक रिपोर्ट नहीं है की सार्स  वायरस गर्मी के कारन ख़त्म हो गया। 
       कुछ संक्रमण बीमारी जैसे टायफाइड गर्मी  में ज्यादा फैलता है वही खसरा शर्दी के मौसम में ज्यादा फैलता है। 
          COVID-19 वहाँ ज्यादा फैला जहाँ का मौसम ठंडा था इसलिए भी यह कहा जाता है की यह वायरस गर्मी के मौसम में नहीं फैलेगा। लेकिन यह देखा गया है की  चाइना के गर्म  इलाके में भी COVID-19  उसी तरह फैला जिस तरह यह वहाँ के ठण्ड इलाकों में फैला।
       लगभग 10 साल पहले uk  की एक university  ने तीन तरह की कोरोना वायरस की जानकारी दी थी की यह december से february तक ज्यादा सक्रीय रहता है लेकिन covid-19 कोरोना वायरस की RNA  उससे बिलकुल ही भीं है।  
         कुछ unpublished report के अनुसार covid-19  पर हवा की गति temperature , और नमी का प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अपने अध्ययन में पाया की गर्म इलाकों  में covid -19  का फैलाओ काम है।  
        गर्मी का प्रभाव  covid -19 पर पड़ेगा यह इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि कोरोना वायरस एक oily  fat layer के अंदर रहता है गर्मी में यह कमजोर हो जाता है वही सर्द में यह layer सख्त हो जाता है इसलिए यह शरीर के बहार ज्यादा समय तक रह सकता है।  
 covid -19  60  डिग्री तक के तापमान तक ज़िंदा रहता है।किसी भी देश  तापमान 60 डिग्री से अधिक नहीं होता हैं।  
   NOTE  : – fake अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं।  

COVID-19 FAKE NEWS लहसुन खाने से कोरोना नहीं होता है।

लहसुन खाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है। WHO लहसुन को अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक खाद पदार्थ मानता  हैं।  लेकिन लहसुन  covid-19 ( कोरोना ) का इलाज नहीं  हैं । शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लहसुन का सेवन रोज एक निश्चित मात्रा में करनी चाहिए। लेकिन इसका सेवन बहुत ज्यादा कर लेने से बहुत तरह की समस्या भी आ सकती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार इस अफवाह के कारन एक महिला ने बहुत ज्यादा लहसुन खा ली थी जिसकारण उसके गले में PROBLEM आ गई थी।    
NOTE  : – FAKE  यह भ्रामक हैं  ऐसा कोई प्रमाण नहीं है।  

COVID-19 महामारी का इलाज नहीं हैं, डॉक्टर इलाज नहीं करता है रोगी को जहर की सुई देकर मार देता है।

ऐसा कहना बिलकुल ही गलत है। यह सही है की इसका इलाज अभी तक नहीं खोजा जा सका है, लेकिन यह  भी सच है की इस तरह के रोगी का लक्षण के अनुसार इलाज कर के उनको ठीक किया जा सकता है।  इसलिए डॉक्टर का पूरा SUPPORT  करनी  चाहिए। अपनी TEST करवानी चाहिए और DOCTOR के परामर्श का पालन करनी चाहिए। 
    NOTE : – fake किसी को भी जहर की सुई देकर नहीं मारा जाता है  

हिंदू Dr, मुस्लिम को कोरोना वाला सुई देकर रोगी बनाता हैं फिर उसे जहर की सुई देकर मार देता है।

इस प्रकार की news खाश करके भारत में  whatsapp  द्वारा फैलाया गया की जो doctor  कोरोना के संदिग्ध का टेस्ट लेने जाते  हैं  उसे वही doctor  पहले कोरोना वायरस से संक्रमित  करते है फिर उसे अलग रखते ( ISOLATE  ) है।  फिर उसे जहर की सुई  देकर मार  देते है।  ये सरासर गलत है ऐसा कुछ भी नहीं होता है doctor, GOD   के रूप होते है वो ऐसा कभी नहीं कर सकते है।  ये समझना चाहिए।
    आज इसी गलत अफवाह के कारन doctor  पर पथराव किया गया। जब डॉक्टर एक रोगी के घर उसके  relatives  का टेस्ट करने गया।
     NOTE  :-FAKE .  ये बिलकुल ही बेबुनियाद है की डॉक्टर ऐसा  करते है। इसप्रकार के बेबुनियाद अफवाहों से बचना चाहिए। यह  देश हम सब का है हम सब इसके बन्दे है।  

गर्म पानी पिने से या उसका भाफ लेने से कोरोना खत्म हो जाता है।

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